• mahendra singh
    भारतीय नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् 2075 (18 मार्च, 2018)" की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।*

    *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व :*

    *1.* इसी दिन के सूर्योदय से ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की।

    *2.* सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला दिन प्रारंभ होता है।

    *3.* प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का दिन यही है।

    *4.* शक्ति और भक्ति के नौ दिन अर्थात् नवरात्र का पहला दिन यही है।

    *5.* सिखो के द्वितीय गुरू श्री अंगद देव जी का जन्म दिवस है।

    *6.* स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन आर्य समाज की स्थापना की एवं कृणवंतो विश्वमआर्यम का संदेश दिया |

    *7.* सिंध प्रान्त के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरूणावतार संत झूलेलाल इसी दिन प्रगट हुए।

    *8.* विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना।

    *9.* युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ।

    *भारतीय नववर्ष का प्राकृतिक महत्व :*

    *1.* वसंत ऋतु का आरंभ वर्ष प्रतिपदा से ही होता है जो उल्लास, उमंग, खुशी तथा चारों तरफ पुष्पों की सुगंधि से भरी होती है।

    *2.* फसल पकने का प्रारंभ यानि किसान की मेहनत का फल मिलने का भी यही समय होता है।

    *3.* नक्षत्र शुभ स्थिति में होते हैं अर्थात् किसी भी कार्य को प्रारंभ करने के लिये यह शुभ मुहूर्त होता है।

    *भारतीय नववर्ष कैसे मनाएँ :*

    *1.* हम परस्पर एक दुसरे को नववर्ष की शुभकामनाएँ दें।

    *2.* आपने परिचित मित्रों, रिश्तेदारों को नववर्ष के शुभ संदेश भेजें।

    *3 .* इस मांगलिक अवसर पर अपने-अपने घरों पर भगवा पताका फेहराएँ।

    *4.* आपने घरों के द्वार, आम के पत्तों की वंदनवार से सजाएँ।

    *5.* घरों एवं धार्मिक स्थलों की सफाई कर रंगोली तथा फूलों से सजाएँ।

    *6.* इस अवसर पर होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लें अथवा कार्यक्रमों का आयोजन करें।

    *आप सभी से विनम्र निवेदन है कि "भारतीय नववर्ष" हर्षोउल्लास के साथ मनाने के लिए "समाज को अवश्य प्रेरित" करें।*
    *धन्यवाद*
    🚩 भारतमाता की जय
    भारतीय नववर्ष, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् 2075 (18 मार्च, 2018)" की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।*

    *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व :*

    *1.* इसी दिन के सूर्योदय से ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की।

    *2.* सम्राट विक्रमादित्य ने...See more
    Mar 18
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